Saturday, December 26, 2009

उलटबाँसी


छोटी-छोटी लहरें

मिलकर बनाती है
एक बड़ी लहर...
.......................

छोटी-छोटी यादें
मगर बनने से रोकती है
एक बड़ी याद....


Friday, December 25, 2009

गोवाः विश्व-गीत




समुद्र भी है
पहाड़ भी
टीला भी है
कछार भी
जंगल भी है
रेत का विस्तार भी
कोई कश्मीर से
कोई लद्दाख से
कोई गुजरात से
कोई महाराष्ट्र से
कोई केरल से
कोई हरिद्वार से
कोई नैनीताल से
कोई राजस्थान से
कोई रूमानिया
कोई फ्रांस से
कोई जर्मनी
कोई जापान से
कोई इटली
कोई इजराइल से
कोई अमेरिका
कोई ब्रिटेन से
कोई क्यूबा
कोई थाईलैंड से
गोवा में आकर
लगता है ऐसे
ग्लोबल बस्ती में
आ गए हों जैसे
गोवा दुनिया का
विश्व गीत हो जैसे

Thursday, December 24, 2009

इन्टेन्स


क्षण नहीं,
उस क्षण को
पकड़ने
हर कोई
बेताब दिखता है
अपना कैमरा, कैनवास,
गिटार और कागज लिए
जो गहनता में बसा है
सबके अंदर

Wednesday, December 23, 2009

सजग मछेरा


हर पल जैसे ,
आकर्षित करता है
समुद्र...
चौबीसों घंटे
कोई-न-कोई
तट पर बैठा,
दौड़ता, टहलता
ध्यानस्थ, योगस्थ
दिख ही जाता है

Tuesday, December 22, 2009

कॉटेज में


-1

सिर से पैर तक
कपड़ों से सामान तक
एक ही चीज
होती है आयात
कॉटेज के अंदर
-कनियाँ रेत की-
सबसे बहुमूल्य सौगात
समुद्र की
बिल्कुल मुफ्त
-2
एक और चीज
साथ आती है
मेरे
नमकीन पसीना
जो कहता है
समुद्र और धूप-स्नान के बाद भी
एक और बार
जरूरी है नहाना

Monday, December 21, 2009

रात भर




समंदर की आवाज आती रही
रात भर
समंदर की हवाएँ इठलाती रहीं
रात भर
लहर पर लहर पर लहर आती रही
रात भर
नींद आती रही, नींद जाती रही
रात भर
मुझको भी खुद -सा बावरा बनाती रही
रात भर
डूबते- उतराते किनारों पे लाती रही
रात भर

Sunday, December 20, 2009

वर्किंग गर्ल




एक लड़की
निकलती है अपने ऑफिस से
प्रत्यंचा से छूटे तीर की तरह
(रास्ते में खरीदते हुए फल जो उसे बेहद पसंद है)
सोचती है
कहीं देर न हो जाए
और
सुननी न पड़े
शिकायत
देखती है न इधर, न उधर
रूकती नहीं चौराहों पर
लाल सिग्नल के
हरे होने से पहले ही
पीली रोशनी में
पड़ती है निकल
डाँटती, झुँझलाती
राह काटते
राहगीरों, वाहन चालकों पर
तेज फर्राटे से चलाती
हुई गाड़ी
दू....र
से नजर आता है,
राह में
उसे लेने
पैदल निकला कोई
भर जाती है
खुशनुमा अहसास से
आ जाती है पास
ताकि दूसरे दिन
फिर
बूमरेंग-सी
निकल सके
घर से....

मेरा काव्य संग्रह

मेरा काव्य संग्रह

Blog Archive

There was an error in this gadget
Text selection Lock by Hindi Blog Tips

about me

My photo
मुझे फूलों से प्यार है, तितलियों, रंगों, हरियाली और इन शॉर्ट उस सब से प्यार है जिसे हम प्रकृति कहते हैं।